ऑफिस में काम करते पकराए दो कर्मचारी , काम के दौरान Amazon पे शॉपिंग ना करने का लगा इल्जाम | कड़ी फटकार और दो कूपन दे कर छुट्टे कर्मचारी |

बैंगलोर के इंद्रानगर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है | घटना Manyata Tech Park की बताई जा रही है | हमारे रिपोर्टर नितिन कमल ने समय पे पहुंच के आग को और भड़काने का काम बहुत अच्छे से किया है |


टीम के मैनेजर श्री खन्ना गुरूजी आज ऑफिस जल्दी पहुँच गए थें | चार बजे ऑफिस पहुंचते ही उन्हें ये विश्वास था की सारे कर्मचारी 3 चाय और 6 नाश्ते के ब्रेक के बाद आराम से Amazon या Flipkart पे शॉपिंग कर रहे होंगे | जैसे ही गुरूजी ने Netflix पे लॉगिन किया वैसे ही उनकी नज़र टीम के दो सदस्यों पे पड़ी जो कोने में छुप के कुछ टाइप कर रहे थें |

शुरू में तो गुरूजी ने आदत अनुसार दोनों को नजरअंदाज कर दिया , लेकिन 50 मिनट बाद Sacred Games को फिर से revise करने के बाद जब उन्होंने अपनी नज़र उठाई तो देखा की Developer सरताज सिंह और Tester गणेश गाईतोंडे अभी भी वही बैठ के कुछ तो कांड कर रहे थें |


गुरूजी ने तुरंत उठ के पहले तो दो चाय पी और फिर एक हाथ में समोसा लेकर , जब दोनों को पीछे से देखा तो उनके पैरों तले से ज़मीन और हाथों से समोसा खिसक गया |

सरताज और गाईतोंडे को रंगे हाथों पकड़ते गुरूजी


सरताज और गाईतोंडे बिना मतलब की बातें कर रहे थें , जैसे की प्रोजेक्ट को जल्दी कैसे ख़तम किया जाए , सॉफ्टवेयर को अच्छे से टेस्ट कैसे किया जाए , इत्यादि |


गुरूजी को गहरा सदमा तो तब लगा जब उन्हों ये पाया की दोनों ही नालायक कर्मचारियों के स्क्रीन पे Amazon या Flipkart का कोई पेज खुला भी नहीं था |
ऑफिस में ये ख़बर आग की तरह फ़ैल गई |


दिन के 4 आर्डर मंगवाने वाली बबली कुमारी ने सैंडल के डब्बे से सरताज पे हमला कर दिया | इस आक्रोश को देखते हुए ऑनलाइन आर्डर के बादशाह बद्री प्रसाद (वही TVF वाले ) ने सिस्टम को दोष देते हुए 2 दिन की छुट्टी और 3 दिन के वर्क फ्रॉम होम की माँग कर दी और बिना समय बर्बाद किये बैग उठाया और वहाँ से चम्पत हो लिए |

सरताज़ और गायतोंडे ने अपने इस बर्ताव के लिए माफ़ी मांगी है और इस महीने production को हाथ भी ना लगाने की कसम खा |

गुरूजी ने बड़ा दिल दिखते हुए दोनों को माफ़ किया लेकिन EOD तक दो – दो आर्डर करने की चेतावनी देते हुए episode 3 को revise करने चलते बने |

कैमरा मैन – रोहित फरांदे
रिपोर्टर – नितिन कमल

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