प्रदूषण की कमी से दिल्ली के पाँच युवक बैंगलोर में पड़े बीमार | डॉक्टरों ने धुवें की कमी को दिया दोष , दो दिनों के लिए मरथाहल्ली में रहने की दी सलाह |

तहसीन ,विवेक और मनीष की प्रोफाइल पिक्चर

बीतें शुक्रवार एक दिल दहला देने वाली घटना में दिल्ली से बैंगलोर गए पांच दोस्त शीतांशु ,तहसीन , आदित्या,विवेक और मनीष को तब अस्पताल में भर्ती करना पड़ा जब फेफड़ों में कम प्रदुषण के कारण बैंगलोर एयरपोर्ट पे हीं उनकी तबियत बिगड़ गई |

रोजगार की तलाश में ‘अच्छे दिन ‘ के सपने संजोते इन नौजवानों को ये आशंका भी नयी थी की बैंगलोर के साफ़ वातावरण उनके लिए मुसीबत ले के आ रही हैं |
दिल्ली के राजेन्दर नगर के ये निवासी बचपन से इसी प्रदूषण में खेल के बड़े हुए थें |

राजधानी से मास्क पहन के निकले इन नवयुवकों को संदेह तब हीं हो गया जब हवाई जहाज़ में पायलट ने कहा की ‘बैंगलोर का मौसम साफ है और प्रदूषण की कोई आशंका नहीं है ‘, इस चेतावनी पे तहसीन ने ये ब्यान दिया की ‘ये सब तो बस कहने -सुनने की बातें होती हैं , ऐसा सच में थोड़ी होता है ‘ |

एयरपोर्ट पे उतरते ही सबसे पहले मनीष को साफ़ हवा का दौरा पड़ा, इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता , धीरे-धीरे पांचो युवक वहीं चित हो गए |
प्रशाशन की तारीफ करनी होगी जिन्होंने तेज़ी से कदम उठाया और मात्र तीन दिन में बैंगलोर एयरपोर्ट से इंद्रानगर का राश्ता तय किया |

डॉक्टरों ने सभी युवक को स्मोक चैम्बर में दो दिन रखने के बाद घर जानें की इज्जाजत दी | उन्हें सलाह दिया गया है की सप्ताह मैं तीन दिन मरथाहल्ली के चक्कर लगाए और ज्यादा जी घबराने पे तुरंत whitefield रवाना हो जाए |

दिल्ली में इस दिन को एक काले दिवस की तरह मनाया गया और लोगों ने फेसबुक की ब्लैक डॉट लगा के इस का बहिष्कार किया |

रिपोर्टर – नितिन कमल