दूसरे के प्लेट से फ़ोटो लेते फ़ूड ब्लॉगर पकड़ाया , रेस्टोरेंट के मालिक ने की जम के धुलाई | बर्तन धुलवा पापों का किया प्रायश्चित |

पिटाई के तुरंत पहले नितिन की तस्वीर

इंसानियत को शर्मिंदा कर देने वाली इक घटना में कल बैंगलोर के ‘पंजाबी ब्य नेचर ‘ रेस्टोरेंट में लोगो ने एक युवक की पिटाई कर दी |
नितिन कमल नामक इस युवक पे इल्जाम था की ये दूसरे की प्लेटों से खाने की फ़ोटो ले कर वहाँ से रफूचक्कर हो जाता है |
शुक्रवार को जब नितिन रेस्टोरेंट पंहुचा तो उसका अगला निशाना श्री जसप्रीत थें | जसप्रीत ने अमृतसरी नॉन के साथ जब चिकन बटर का आर्डर दिया तो नितिन के कान खड़े हो गए |
बताया जाता है की टेबल के निचे से सरकते हुए वो जसप्रीत के कुर्सी के पास पहुंच गए | आदत अनुसार जसप्रीत ने जब एक्स्ट्रा बटर के लिए वेटर को बुलाया तो नितिन ने टेबल के निचे से ही उनके खाने की फ़ोटो लेने की नाक़ाम कोशिश की लेकिन उन्होंने ने अपनी फ़्लैश लाइट ऑन कर रखी थी जिससे पूरे रेस्टोरेंट में चमक बिखर गई |

इतना देखते हीं रेस्टोरेंट के मालिक श्री बगुला प्रसाद ने अपने कर्मचारियों को बुलाया और नितिन की तबियत से कुटाई की और उनसे सब की प्लेटें धुलवाई |
प्लेट धोने में नितिन के नख़रे भी कम नहीं थें और उन्होंने dishwasher machine की माँग कर दी , ये सुनते हीं बगुला प्रसाद ने फिर से एक राउंड पिटाई करवाई |

बताया जाता है की नितिन को कई रेस्टोरेंट में दूसरों की थाली से फ़ोटो लेते और इंस्टाग्राम पे शेयर करते देखा गया हैं | उनके दोस्तों में ये बात आग की तरह फ़ैल गई |
दोस्तों के unfollow करने की धमकी पे नितिन ने सब को समोसे – जलेबी खिला मनाने की कोशिश की |

इस पिटाई के तुरंत बाद नितिन को गोलगप्पे की दूकान के सामने फिर से दूसरे की कटोरी में झांकते देखा गया , फ़ोटो लेकर नितिन वहाँ से फ़रार हो गए |

रिपोर्टर – Xtramous

प्रदूषण की कमी से दिल्ली के पाँच युवक बैंगलोर में पड़े बीमार | डॉक्टरों ने धुवें की कमी को दिया दोष , दो दिनों के लिए मरथाहल्ली में रहने की दी सलाह |

तहसीन ,विवेक और मनीष की प्रोफाइल पिक्चर

बीतें शुक्रवार एक दिल दहला देने वाली घटना में दिल्ली से बैंगलोर गए पांच दोस्त शीतांशु ,तहसीन , आदित्या,विवेक और मनीष को तब अस्पताल में भर्ती करना पड़ा जब फेफड़ों में कम प्रदुषण के कारण बैंगलोर एयरपोर्ट पे हीं उनकी तबियत बिगड़ गई |

रोजगार की तलाश में ‘अच्छे दिन ‘ के सपने संजोते इन नौजवानों को ये आशंका भी नयी थी की बैंगलोर के साफ़ वातावरण उनके लिए मुसीबत ले के आ रही हैं |
दिल्ली के राजेन्दर नगर के ये निवासी बचपन से इसी प्रदूषण में खेल के बड़े हुए थें |

राजधानी से मास्क पहन के निकले इन नवयुवकों को संदेह तब हीं हो गया जब हवाई जहाज़ में पायलट ने कहा की ‘बैंगलोर का मौसम साफ है और प्रदूषण की कोई आशंका नहीं है ‘, इस चेतावनी पे तहसीन ने ये ब्यान दिया की ‘ये सब तो बस कहने -सुनने की बातें होती हैं , ऐसा सच में थोड़ी होता है ‘ |

एयरपोर्ट पे उतरते ही सबसे पहले मनीष को साफ़ हवा का दौरा पड़ा, इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता , धीरे-धीरे पांचो युवक वहीं चित हो गए |
प्रशाशन की तारीफ करनी होगी जिन्होंने तेज़ी से कदम उठाया और मात्र तीन दिन में बैंगलोर एयरपोर्ट से इंद्रानगर का राश्ता तय किया |

डॉक्टरों ने सभी युवक को स्मोक चैम्बर में दो दिन रखने के बाद घर जानें की इज्जाजत दी | उन्हें सलाह दिया गया है की सप्ताह मैं तीन दिन मरथाहल्ली के चक्कर लगाए और ज्यादा जी घबराने पे तुरंत whitefield रवाना हो जाए |

दिल्ली में इस दिन को एक काले दिवस की तरह मनाया गया और लोगों ने फेसबुक की ब्लैक डॉट लगा के इस का बहिष्कार किया |

रिपोर्टर – नितिन कमल